कामाख्या और दशमहाविद्या: क्यों माना जाता है इसे महाविद्याओं का आध्यात्मिक हृदय?
भारत की आध्यात्मिक परंपरा में कुछ तीर्थ ऐसे हैं जो केवल पूजा या दर्शन के स्थान नहीं माने जाते, बल्कि […]
भारत की आध्यात्मिक परंपरा में कुछ तीर्थ ऐसे हैं जो केवल पूजा या दर्शन के स्थान नहीं माने जाते, बल्कि […]
भारत में अनेक धार्मिक मेले, यात्राएं और उत्सव मनाए जाते हैं, लेकिन जगन्नाथ रथ यात्रा का स्थान उनमें बिल्कुल अलग
माँ आदिशक्ति की उपासना में कुछ मंत्र ऐसे माने जाते हैं जिन्हें केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि दिव्य शक्ति
भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में नाग पूजा और नाग संस्कृति का स्थान अत्यंत प्राचीन और विशेष माना जाता
कुछ देवी स्वरूप ऐसे होते हैं जिन्हें देखते ही मन में शांति का भाव जागता है। लेकिन माँ छिन्नमस्ता का
उत्तराखंड और हिमाचल के स्थानीय देवता (Folk Deities) केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि वे हिमालय की जीवित
भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में पूजे जाने वाले भारत के स्थानीय देवता (Folk Deities) भारतीय लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और
भारत की भूमि अनगिनत तीर्थों, प्राचीन मंदिरों, पवित्र नदियों और ऋषि-मुनियों की तपोभूमियों से समृद्ध है। फिर भी सनातन धर्म
भारत की आध्यात्मिक परंपरा केवल बड़े मंदिरों, प्रसिद्ध तीर्थों और शास्त्रों तक सीमित नहीं है। इसके साथ-साथ एक ऐसी लोकधारा
जब भी भैरव की बात होती है, अधिकांश लोगों के मन में काल भैरव का उग्र और रक्षक स्वरूप उभरता